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15 गरà¥à¤® तासीर वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में रोज खाà¤à¤‚
“गरà¥à¤® तासीर वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥â€ को सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम अवशà¥à¤¯ खायें, इससे आपका पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ तंतà¥à¤° कमजोर नहीं पड़ेगा और शरीर में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ à¤à¥€ बनी रहेगी। इसलिठठंडी के मौसम में अपने आहार में गरà¥à¤® तासीर के फल, सूखे मेवे और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अधिक से अधिक शामिल करें।
आपको पता होना चाहिà¤, कि हमारे रोजमरà¥à¤°à¤¾ के खाये जाने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨, फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की तासीर गरà¥à¤® या ठंडी दोनों तरह की होती है। बस हमें यह पता होना चाहिà¤, कि कौन से मौसम में कौन सी तासीर वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ को पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤¤à¤¾ दें।
मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के तासीर पहचान
गरà¥à¤®à¥€ में ठंडी तासीर और ठंडी में गरà¥à¤® तासीर वाला खाना फायदेमंद होता है। यदि आप इसके विपरीत करते हैं, मसलन सरà¥à¤¦à¥€ में ठंडी तासीर और गरà¥à¤®à¥€ में गरà¥à¤® तासीर, तो यह आपकी सेहत के लिठनà¥à¤•सानदेह हो सकता है। इसलिठसरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ मे गरà¥à¤® और गरà¥à¤®à¥€ में ठंडे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚, फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मांग बढ़ जाती है। बहà¥à¤¤ से à¤à¤¸à¥‡ लोग à¤à¥€ हैं, जो अपनी उमà¥à¤° और सेहत के हिसाब से ठंडी या गरà¥à¤® तासीर वाली चीजों को चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं।
लेकिन à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ से लोग हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसके बारे में कोई à¤à¥€ जानकारी नहीं होती है, कि यह तासीर नाम की बला आखिर होती कà¥à¤¯à¤¾ है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का मौसम आरंठहो चà¥à¤•ा है, à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤® तासीर वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का सेवन आपके लिठà¤à¤• बेहतर विकलà¥à¤ª होगा। ताकि आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ शकà¥à¤¤à¤¿ मजबूत हो और आप सरà¥à¤¦à¥€ या अनà¥à¤¯ बीमारियों से बचे रहें।
आज का लेख हम इसी बात को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर लाये हैं, ताकि आप à¤à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की तासीर के बारे में जान सकें। यहाठआपको कà¥à¤› गरà¥à¤® तासीर वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, फल सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मसालों के बारे में बताने जा रहा हूà¤, जो आप लोगों लिठकाफी फायदेमंद और जरूरी जानकारी साबित होगी।
तासीर किसे कहते हैं?
जिस à¤à¥‹à¤œà¤¨, फल, मेवा या सबà¥à¥›à¥€ को खाने से शरीर के अंदर उसका ठंडा या गरà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ महसूस हो, उसे उस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ की तासीर (विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾/खासियत) कहते हैं। जैसे खीरा खाने के बाद शरीर को ठंडक महसूस होती है, तो खीरे की विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ ठंडी है। जबकि अंडा खाने से शरीर में गरà¥à¤®à¥€ बॠजाती है, इसलिठकि अंडे की तासीर गरà¥à¤® है।
थरà¥à¤®à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (Thermogenesis) कà¥à¤¯à¤¾ है?
खाना खाने के बाद, जब शरीर में चयापचय पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (Metabolic processes) थरà¥à¤®à¥‹à¤¡à¤¾à¤¯à¤¨à¤¾à¤®à¤¿à¤•à¥à¤¸ अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के परावरà¥à¤¤à¤¨ के रूप में गरà¥à¤®à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करती है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को थरà¥à¤®à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (Thermogenesis) के नाम से जानते हैं।
थरà¥à¤®à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ शरीर में गरà¥à¤®à¥€ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ करता है, चयापचय के संबंध में और आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठजाने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ की सीधी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में खरà¥à¤š की गई गरà¥à¤®à¥€ है। आपके शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जलाई जाने वाली गरà¥à¤®à¥€ को कैलोरी में मापते हैं। आपके शरीर का थरà¥à¤®à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ जितना अधिक होगा, आप उतनी ही अधिक कैलोरी खरà¥à¤š करेंगे।सफ़ेद पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में तिल गà¥à¥œ की चिकà¥à¤•ी के साथ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की चिकà¥à¤•ी
इस समय पूरे à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सरà¥à¤¦à¥€ का मौसम पूरे शबाब पर है। गरà¥à¤® कपड़े à¤à¤²à¥‡ ही आपको बाहर से गरà¥à¤® रखते होंगे, लेकिन शरीर को अंदर से à¤à¥€ गरà¥à¤® रखना बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• है।
इसलिठइस मौसम में आपके खान-पान का महतà¥à¤µ बहà¥à¤¤ बॠजाता है। इस मौसम में रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (Immunity) कमजोर हो जाती है, जिससे सरà¥à¤¦à¥€, खांसी और ज़à¥à¤•ाम जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के साथ-साथ अनà¥à¤¯ बीमारियां à¤à¥€ परेशानी पैदा करती हैं।
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के गरà¥à¤® तासीर वाले फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
हम रोज़ाना जो कà¥à¤› à¤à¥€ खाते हैं उसका असर हमारे शरीर की कारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पर अवशà¥à¤¯ होता है। खासकर तब जब बात शरीर में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ बनाये रखने की हो। à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं, जो शरीर में गरà¥à¤®à¥€ पैदा करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखते हैं।
लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाने में समय अधिक लगता है, और तब शरीर के पाचनतंतà¥à¤° को अधिक ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरà¥à¤°à¤¤ होती है, ताकि गरà¥à¤®à¥€ पैदा होती रहे। अधिक वसा, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ पचते समय शरीर को गरà¥à¤® करते हैं।
गरà¥à¤® तासीर वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की à¤à¤• विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ शà¥à¤°à¤‚खला है। नीचे दिठगठकà¥à¤› गरà¥à¤® तासीर वाले फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को इस ठंडी के मौसम में अवशà¥à¤¯ खायें और फरà¥à¤• खà¥à¤¦ महसूस करें ।
गà¥à¥œ (Jaggery)
गरà¥à¤® तासीर की गà¥à¥œ की à¤à¥‡à¤²à¥€
गà¥à¤¡à¤¼ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की अपरिषà¥à¤•ृत चीनी है, जो गनà¥à¤¨à¥‡ से बनाई जाती है। इसमें कैलोरी की मातà¥à¤°à¤¾ चीनी के बराबर ही पाई जाती है। चीनी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में गà¥à¤¡à¤¼ अधिक पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है। इसमें शरीर के लिठजरूरी विटामिंस और मिनरलà¥à¤¸ à¤à¥€ मौजूद होते हैं। गà¥à¥œ की विशेषता गरम होती है|
आप गà¥à¥œ को सरà¥à¤¦à¥€ और गरà¥à¤®à¥€ दोनों मौसम में आराम से खा सकते हैं, लेकिन कैलोरी में उचà¥à¤š होने से इसका सेवन कम मातà¥à¤°à¤¾ में करें। गà¥à¥œ खाने से आपके शरीर का तामपान सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ सही बना रहेगा। गà¥à¥œ को आप मीठे वà¥à¤¯à¤‚जनों जैसे खीर, चिकà¥à¤•ी या चाय में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।
यदि आप चीनी की जगह गà¥à¤¡à¤¼ खा रहे हैं, तो यह à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकलà¥à¤ª है, इससे आपको कà¥à¤› अतिरिकà¥à¤¤ विटामिन या खनिज और पोषक ततà¥à¤µ मिल सकते हैं।
बाजरा (Bajra)
खेत में बाजरे की फसल लहलहाते हà¥à¤
बाजरा गरà¥à¤® तासीर होता है और यह पोषण का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है, इसीलिठइसको सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाते हैं। बाजरे में लोहा, कैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤®, जसà¥à¤¤à¤¾, मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पोटाशियम जैसे ततà¥à¤µ अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ मे होते हैं।
सामानà¥à¤¯ तौर पर, बाजरा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कारà¥à¤¬à¥à¤¸ और फाइबर के साथ यह विटामिन और खनिजों का à¤à¥€ à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। नियमित रूप से बाजरा जैसे साबà¥à¤¤ अनाज खाने से हृदय रोग, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और कà¥à¤› कैंसर जैसी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारियों को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
बाजरा के नियमित खाने से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का अधिक सेवन कà¥à¤› संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठवजन घटाने, बेहतर मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बाल, नाखून और तà¥à¤µà¤šà¤¾ की मदद करते हैं। सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में अगर शरीर में गरà¥à¤®à¥€ बनाये रखनी है, तो गरà¥à¤® तासीर वाले बाजरे की रोटी, खिचड़ी और दलिया बनाकर खायें।
देशी घी (Clarified butter)
चमà¥à¤®à¤š से कांच के जार में से देशी घी निकालते हà¥à¤
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में देशी घी जरूर खाना चाहिà¤à¥¤ देशी घी आपके शरीर की गरà¥à¤®à¥€ और तापमान को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि देशी घी विटामिन à¤, विटामिन ई, और विटामिन के से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है।
घी में बà¥à¤¯à¥‚टिरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, जो à¤à¤• कैंसर रोधी घटक है। इसमें मौजूद à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट इसे à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बनाते हैं। घी शरीर में से जहरीले और हानिकारक चीजों को बाहर करने में मदद करता है। यह सबसे सातà¥à¤µà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है, और घी के नियमित सेवन से तनाव और चिंता के सà¥à¤¤à¤° में कमी आती है।
देशी घी में ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होने के कारण, इसे खाने से कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤² बà¥à¤¤à¤¾ नहीं बलà¥à¤•ि कम होता है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में देशी घी का रोजाना इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ती है, और आपका मेटाबॉलà¥à¤œà¤¿à¤® à¤à¥€ सही तरीके से काम करता है। साथ ही बॉडी को इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ और बीमारियां लगने का खतरा à¤à¥€ कम हो जाता है।
अंडा (Egg)
गरà¥à¤® तासीर के अंडे बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ में बाउल रखे हà¥à¤
अंडे उन कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ “सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚डà¥à¤¸â€ के रूप में वरà¥à¤—ीकृत किया जाना चाहिà¤à¥¤ यह कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ हैं, जिनका आधà¥à¤¨à¤¿à¤• आहार में मिलना दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं। अंडे में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के साथ-साथ कई सारे विटामिंस à¤à¥€ पाये जाते है, जो सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने में मदद करता है।
अंडे सबसे अधिक पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• हैं, जिसमें आपके लिठहर आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ का हिसà¥à¤¸à¤¾ मौजूद होता है। ओमेगा -3 से समृदà¥à¤§ और/या अधिक फैट वाले अंडे à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• होते हैं। अंडे में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है, लेकिन अंडे खाने से रकà¥à¤¤ में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं पड़ता है।
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अंडों की खपत बढ़ जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह गरà¥à¤® तासीर का होता है। अंडों को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का पावरहाउस à¤à¥€ कहा जाता है। इसको खाने से शरीर में गरà¥à¤®à¥€ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है।
टिप: जो लोग अपने बà¥à¥‡ वजन को लेकर परेशान हैं, तो à¤à¤¸à¥‡ लोगों को अंडे के पीले à¤à¤¾à¤— को निकालकर खाना चाहिà¤à¥¤
शहद (Honey)
लकड़ी के चमà¥à¤®à¤š में से गिरता शहद
शहद के बहà¥à¤¤ से संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठहैं, और यह कई घरेलू उपचारों में इसकी à¤à¥‚मिका महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती है। हालंकि, इसमें कà¥à¤› पोषक ततà¥à¤µ कम मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं, लेकिन विटामिन और खनिजों का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ आहार सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होने बावजूद अधिकांश लोग आमतौर पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ शहद का सेवन नहीं करते हैं।
शहद मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से चीनी (fructose) से बना है, कई विटामिन और खनिजों की थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ होती है, और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद पौधों के यौगिकों से समृदà¥à¤§ है, और इसकी ख़ासियत गरà¥à¤® होती है।
शहद में कई à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं, जिनमें फेनोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ मà¥à¤–à¥à¤¯ हैं। शहद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚, खनिजों और विटामिन का खजाना है। इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨, नायसिन, विटामिन बी-6, विटामिन सी और à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पाया जाता है|
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में निखार लाने, पाचन को ठीक रखने, इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡, वजन कम करने आदि के लिठशहद का उपयोग करते हैं। शहद में à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में रोजाना शहद खाने से शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ार कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¤à¥€ है, जिससे आप सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम, खांसी, गले में खराश, रूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ जैसी बीमारियों से बचाव होता है।
आंवला (Amla)
आंवले पेड़ पर लटकता आंवले का फल
आंवले में संतरे की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में आठगà¥à¤¨à¤¾ अधिक विटामिन सी होता है, और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट शकà¥à¤¤à¤¿ अनार की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लगà¤à¤— 17 गà¥à¤¨à¤¾ अधिक होती है। इसीलिठआंवले को सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚ड à¤à¥€ कहा जाता है, और इसका वैशिषà¥à¤Ÿà¥à¤¯ गरà¥à¤® होता है।
आंवला नाम संसà¥à¤•ृत शबà¥à¤¦ ‘अमलकी’ से लिया गया है, जिसका अरà¥à¤¥ है “जीवन का अमृतâ€, जो हमें सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€, कैंसर या बांà¤à¤ªà¤¨ जैसी अनगिनत बीमारियों से बचा सकता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के मतानà¥à¤¸à¤¾à¤° आंवला शरीर में तीन दोषों (कफ/वात/पितà¥à¤¤) को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करके कई बीमारियों के अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ कारणों को खतà¥à¤® करने में मदद कर सकता है।
आंवले में विटामिन सी अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। जो हमारे बालों, सà¥à¤•िन और पाचनतंतà¥à¤° के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤£ में रखता है। सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में हमें नियमित रूप से चà¥à¤¯à¤µà¤¨à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¶ और आंवले का मà¥à¤°à¤¬à¥à¤¬à¤¾ खाना चाहिà¤à¥¤ इससे हमारे शरीर में गरà¥à¤®à¥€ बनी रहती है और ठंड बेअसर हो जाती है।
दालचीनी (Cinnamon)
दालचीनी के टà¥à¤•ड़े के साथ चकà¥à¤°à¤«à¥‚ल मसाला
दालचीनी à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ मसाला है, जो हजारों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से अपने बेशकीमती औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठजाना जाता रहा है। दालचीनी की विशिषà¥à¤Ÿ गंध और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ इसके तेल में मौजूद सिनामालà¥à¤¡à¤¿à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡ की उचà¥à¤šà¤¤à¤¾ के कारण होती है, जिसे दालचीनी के अधिकांश सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ और चयापचय के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° माना जाता है।
दालचीनी में मौजूद à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ असर वाला होता है, जो आपके रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दालचीनी खाने से शरीर गरà¥à¤®à¥€ पैदा होती है, जिससे आपका मेटाबॉलिजà¥à¤® बढ़ता है, और साथ ही वजन à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रहता है।
सà¥à¤•िन डà¥à¤°à¤¾à¤¯ हो जाने पर आप दालचीनी पाउडर को गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल के साथ मिलाकर सà¥à¤•िन पर लगायें सà¥à¤•िन मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हो जाà¤à¤—ी। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दालचीनी के काà¥à¥‡ का उपयोग करने से मौसमी बीमारियाठजैसे कि सरà¥à¤¦à¥€-खांसी, गले में खराश आदि फ़ौरन से राहत मिलती है।
तिल (Sesame)
लकड़ी की कटोरी में गरà¥à¤® तासीर वाले तिल के बीज
तिल के बीज विटामिन और पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तेलों का à¤à¤‚डार होते है| जिसमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ खनिज पाठजाते हैं।
सरà¥à¤¦à¥€ में काले और सफेद दोनों तिल व उनका तेल à¤à¥€ बहà¥à¤¤ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है। शरीर को गरà¥à¤® रखने के लिये हमें सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में तिल के बीजों का सेवन करना चाहिये।
इसके लिठतिल की चिकà¥à¤•ी या तिल का लडà¥à¤¡à¥‚ बना कर खा सकते हैं। तिल का तेल à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है| जो बढ़ती उमà¥à¤° के असर, वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से हमें बचाता है।
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने पर तिल व इसके तेल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— ना करें| कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह कफ के साथ-साथ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° को à¤à¥€ बढ़ा देता है।
खजूर (Dates)
खजूर के पेड़ पर पककर लटकते खजूर
खजूर à¤à¤• गरà¥à¤® तासीर वाला फल है, जो अपने मीठे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठजाना जाता है, और जिसे लोग सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बड़े चाव से खाते और खिलाते हैं। खजूर में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक शà¥à¤—र होती है, जिसके कारण इसे खाने से शरीर में गरà¥à¤®à¥€ पैदा होती है।
खजूर में फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है, जो कबà¥à¤œ और बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में फायदेमंद हो सकता है। इसमें कई पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं, जो कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारियों, जैसे हृदय रोग, कैंसर, अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° और मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के विकसित होने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ जैसे विटामिन बी, विटामिन सी, पोटेशियम, मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कॉपर, सेलेनियम और आयरन पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। खजूर में कैलोरी की मातà¥à¤°à¤¾ किशमिश और अंजीर जैसे सूखे फलों के समान पायी जाती है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हमें रोजाना चार से पांच खजूर जरà¥à¤° खाना चाहिà¤à¥¤
अदरक (Ginger)
बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ टेबल पर अदरक के टà¥à¤•ड़े के साथ कà¥à¤› कटे टà¥à¤•ड़े
सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या खांसी की समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ आम होती है, जो आसानी से आपको अपनी चपेट में ले सकती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, सरà¥à¤¦ मौसम में शरीर की इमà¥à¤¯à¥‚निटी कम हो जाने से बीमारी या वायरस की गिरफà¥à¤¤ में आने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ बढ़ जाती है। इन संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बचाने में अदरक आपकी मदद कर सकती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अदरक की पहचान à¤à¤• गरà¥à¤® मसाले के तौर पर होती है।
सरà¥à¤¦à¥€ में अदरक शरीर को गरà¥à¤® रखने के साथ-साथ सरà¥à¤¦à¥€-खांसी, गले की खराश, जà¥à¤•ाम, फà¥à¤²à¥‚ जैसी बीमारियों से बचाती है। अदरक में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ जैसे ततà¥à¤µ होते हैं। इसका उपयोग आप विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीकों से कर सकते है। जैसे अदरक की चाय, चटनी या फिर मसाले के रूप में सबà¥à¥›à¥€ में मिलाकर खा सकते हैं।
सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में कफ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना आम बात है। और इससे निजात पाने के लिठआप अदरक के रस में शहद को मिलाकर खायें।
हलà¥à¤¦à¥€ (Turmeric)
टेबल पर हलà¥à¤¦à¥€ की गाà¤à¤ के साथ बिखरा हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर
हलà¥à¤¦à¥€ का उपयोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हजारों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से à¤à¤• मसाले और औषधीय जड़ी बूटी दोनों के रूप में किया जाता रहा है। हलà¥à¤¦à¥€ सबसे अधिक गरà¥à¤® तासीर वाली होती है, और इसके सारे लाà¤à¤•ारी गà¥à¤£ इसके मà¥à¤–à¥à¤¯ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ संघटक करकà¥à¤¯à¥‚मिन (Curcumin) से आते हैं।
हलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€, à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² जैसे गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से समृदà¥à¤§ होती है। इसलिठहलà¥à¤¦à¥€ को सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚ड à¤à¥€ कहा जाता है। हलà¥à¤¦à¥€ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और पोटेशियम जैसे खनिज और विटामिन पाये जाते हैं।
हलà¥à¤¦à¥€ कैंसर, अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° और हृदय रोग के खतरे को कम करने में लाà¤à¤•ारी है। रात को सोने से पहले à¤à¤• गिलास दूध में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर हलà¥à¤¦à¥€ वाला दूध बनाकर पियें। इससे शरीर गरà¥à¤® रहता है और अचà¥à¤›à¥€ नींद à¤à¥€ आती है।
केसर (Saffron)
केसर फूलों के ऊपर रखी सफ़ेद पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में केसर के धागे
आज हम केसर की बात करेंगे, कि सरà¥à¤¦à¥€ में केसर का उपयोग किस पà¥à¤°à¤•ार से करें, ताकि आप इसके गà¥à¤£à¥‹à¤‚ का पूरा फायदा उठा सकें। जैसे कमजोरी, सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम आदि होने पर, केसर का सेवन करने की सलाह दी जाती है। केसर की खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¬à¤¸à¥à¤Ÿà¤° (Stressbuster) की तरह काम करता है।
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हमारा इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर हो जाने से सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम, खांसी और बà¥à¤–ार जैसी बीमारियां हमें आसानी से अपनी गिरफ़à¥à¤¤ में ले लेती हैं।
इस तरह की बीमारियों से बचने के लिठलोग घरेलू उपचार का काफी सहारा लेते हैं। जैसे ठंड में लोग अदरक वाली चाय पीते हैं, खजूर खाते हैं, और à¤à¥€ कई तरह के उपाठहैं जो सरà¥à¤¦à¥€ में फायदा पहà¥à¤‚चाते हैं।
केसर को चाय या दूध में मिलाकर पीने से ठंड और खांसी से बचने का à¤à¤• रामबाण उपाय है। केसर का गरà¥à¤® गà¥à¤£-धरà¥à¤® शरीर को गरà¥à¤® रखने और खांसी को रोकने में उपयोगी होता है। à¤à¤• कप दूध में 4-5 केसर के धागे उबालकर पीने से सरà¥à¤¦à¥€ में बहà¥à¤¤ आराम मिलता है।
बादाम (Almond)
सफ़ेद पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में और कà¥à¤› टेबल पर बिखरे बादाम
बादाम गरà¥à¤® तासीर वाला à¤à¤• सूखा मेवा है, जो पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है। बादाम में विटामिन ई, जिंक, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जैसे विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ पाठजाते हैं।
ठंड के मौसम में बादाम बहà¥à¤¤ असरकारी होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤® तासीर होने की वजह से इसको खाने से शरीर में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ आती है।
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट चार से पांच बादाम खायें, आप बादाम शेक या बादाम का हलवा बनाकर खा सकते हैं। इससे आपके शरीर की इमà¥à¤¯à¥‚निटी पावर बà¥à¥‡à¤—ी और बीमारियां आपसे कोसों दूर रहेंगी।
सरसों का तेल (Mustard Oil)
कांच की शीशी में सरसों का तेल फूल के गà¥à¤šà¥à¤›à¥‡ के साथ टेबल पर
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सरसों का तेल आपके लिठबेहद फायदेमंद हो सकता है। यह न केवल आपके शरीर में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ पैदा करता है, बलà¥à¤•ि अपने गà¥à¤£à¤•ारी फायदों के कारण इसे खाने में और औषधि†के रूप में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है।
सरसों के तेल की खासियत गरà¥à¤® होती है, इसलिठसरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— बहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी माना जाता है। यह तेल बंद नाक को खोलने का काम करता है, बस नाक में à¤à¤•-दो बूंद तेल की डाल दें। सरसों का तेल MUFA, PUFA और विटामिन ई से समृदà¥à¤§ होता है, जो सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ की अचà¥à¤›à¥€ देखà¤à¤¾à¤² करता है।
सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी के घरेलू इलाज के रूप में सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की दो-तीन कलियां डालकर गरà¥à¤® करके छाती और पीठपर मालिश करें। इससे शरीर की मांसपेशियां को मजबूती मिलती है, और रकà¥à¤¤ परिसंचरण à¤à¥€ बेहतर होता है।
सरसों का तेल à¤à¥‚ख को बढ़ाने में सहायता करता है, जिनको à¤à¥‚ख कम लगती है वो इस तेल में बनाया à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना शà¥à¤°à¥‚ कर दें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सरसों का तेल पाचन, और चयापचय की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ बढ़ावा देता है, जो रक़à¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¥€ (Circulatory) संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठà¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• के रूप में कारà¥à¤¯ करता है।
लहसà¥à¤¨ (Garlic)
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में छीलकर रखी हà¥à¤ˆ गरà¥à¤® तासीर के लहसà¥à¤¨ की कलियां
लहसà¥à¤¨ की à¤à¥€ तासीर बहà¥à¤¤ गरà¥à¤® होती है। सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¤¾ दिल को ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ कम या रà¥à¤•रà¥à¤• कर मिलने के कारण होता है।
इसलिà¤, कि सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में धमनियों के कठोर हो जाने से ठीक से सिकà¥à¥œ नहीं पाती हैं, और खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ धीमा हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में लहसà¥à¤¨ खाना हृदय रोगियों के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है।
लहसà¥à¤¨ की गरà¥à¤® तासीर न सिरà¥à¤« बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करती है, बलà¥à¤•ि रकà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को à¤à¥€ बेहतर बनाती है।
जैसा कि मैंने ऊपर बताया है कि गरà¥à¤® तासीर वाले फल, सबà¥à¤œà¥€, à¤à¥‹à¤œà¤¨ और वà¥à¤¯à¤‚जनों की बहà¥à¤¤ लंबी सूची है। गरà¥à¤® तासीर वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपके शरीर को अंदर से गरà¥à¤® रखने का काम करते हैं, जिससे आप ठंडी से बचे रहते हैं। तो इसका अरà¥à¤¥ यह कदापि नहीं है, कि आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में खाना शà¥à¤°à¥‚ कर दें।
à¤à¤¸à¤¾ करना आपकी सेहत के लिठसही नहीं होगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आपके पेट या पाचन तंतà¥à¤° में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और निरोगी रहने के लिठखाने पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखना अति आवशà¥à¤¯à¤• है।
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